Citizen Journalist : हरियाली – चंदन कुमार

“…………” हरियाली  !!
अगर सड़क के किनारे फलदार पेड़ लग गया होता  ,तो कितना अच्छा होता, ! कीमती लकड़ी भी होती,फल भी होता,कितना अच्छा होता उन बच्चों के लिए, उन चरवाहो के लिए ,उन पक्षीयों के लिए, जो दिन भर, बाहर झाँकता रहता है ,खेलता रहता है !
कितना अच्छा होता उन राही के लिए  ,जो बिना खाये घर से बहार चलता !,कही उसे आम मिलता ,कहीं लीची ,कहीं कटहल ,कहीं अमरूद ,कहीं पनयेला ,कहीं आवला, कहीं सपाटू ,मिलता । हर मौसम में हर किसी को हर तरह का फल मिलता कहीं खजूर ,कहीं तार ,कहीं नारियल, कहीं बेर ,कहीं जामून, अत्ता, सरीफा ,मनटू ,अनार बेदाना ,सेब, संतोला कहीं नासपाती मिलती कितना अच्छा होता उन (जीवों) राही को ,
अगर सड़क किनारे ये सब फल होता कितना फलदायक होता !पशु – पक्षी  एवं हर जीवों के लिए भोजन का प्रबंध ,कितना अच्छा होता !लौट आते वह पक्षी ,जो इस प्रांत को छोड़ गये हैं ! रंग बिरंगे तितलीयाँ, गिलहरियाँ सब की संख्या बढ़ जाते और भर -पेट भोजन करके मस्ती में उछल कूद कर गाते,   !अगर सड़क के किनारे फलदार पेड़ लग जाए तो हमारे देश का कुपोषण दूर हो जाए,, हर किसी को फल खाने का अवसर मिल जाए,  
गाँव- घर, सड़क पर , जिधर भी जाता फल ही फल पाता,हर कोई कहता- लो तुम खाओ ,लो तुम घर ले जाओ ,
वह देखो चिड़ियाँ कैसे खा रही हैं ,खा कर कैसे गा रही हैं , वह देखो गिलहरी कच्चा फल कैसे लाता है, वह देखो गिरा हुआ फल  गैया का बच्चा कैसे खाता है,, !
वह देखो तितलियाँ ,इतने फल देख- कर  इतराती है कभी उधर तो कभी इधर उड़ आती हैं !
वह देखो, राही फल तोड़ रहे हैं वह देखो बच्चे पेड़ पर खेल रहे हैं !
वह देखो ,वो टहनी कितनी हिल रही है  ,लगता मरे  हुए दादा भूत बन कर फल खा रहे हैं,  पेट भर गया तो लगता अब झूला झूल रहे हैं !, 
वह देखो कमला चाचा आम का पाचक लाया है कोई भी फल खा लो ये पाचक जल्दी पचाया है,, !
वह देखो, यह सब पेड़ कमला चाचा के जन्म पर ,उसके बाप ने  लगाया था, अब उसका बूढ़ा  बाप इसी पेड़ पर ,रह रहा है ,विनती करने पर फल गिरा रहा है,, !
वह देखो ,सुखिया भाग रही है  ,उस पेड़ को गैया ऩा खा ले, बचाने दौड़ रही है !
 वह देखो टेढ़ा पेड़ ,बचपन में मैं, इस पर बैठा करता था,पीपल ,बड़गद ,नीम का पेड़ मेरे साथ हँसता था, गाता था !आज आऔ तुम्हें बैठाते हैं, शुद्ध हवा से मुलाकात कराते हैं, !
फिर तुम भी अपने ऑफिस में फलदार पेड़ लगायेगा पर्यावरण के नाम पर हर जीवों को उसका हक दिलायेगा, अच्छे कर्मो का फल तुम सबको खिलायेगा,, अगर हर जगह फलदार पेड़ लग जाए तो कितना अच्छा होता ……..!
तुम ये जलन शीलता मत रखना किमेरे कर्मों का फल ,कोई और खायेगा ,फल तोड़ कर दूसरे लोग घर ले जाएगा !दिमाग में यह रखो कि हमारा देश बदल जाएगा,,गाँव घर मजदूर किसान ,सब करता खेत में काम !तो चलें हम आवाज उठाएँ हर जगह फलदार पेड़ लगाएँ ,हर जीवों का उसका हक दिलवाएँ  !!

चन्दन कुमार विश्वास +2 उच्च विद्यालय ” मलहरिया “अररिया ( बिहार ) 8210816403

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