Masterstrock: अब विशेष राज्य नहीं रहा जम्मू-कश्मीर

23 मई को प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में चुनकर सत्ता में आए नरेंद्र मोदी ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को खत्म कर दिया. इस तरह से कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर को लेकर जो चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही थीं उसपर पूरी तरह से विराम लग गया. अब जम्मू-कश्मीर दो राज्यों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बंट जाएगा. ये दोनों केंद्र शासित राज्य होंगे. यानी अब केंद्र शासित राज्यों की संख्या सात से बढ़कर नौ हो गई. बता दें कि विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 35 (A) भी समाप्त हो गया.

कैसे हुआ फैसला?

पिछले करीब 11 दिनों से मोदी सरकार कश्मीर को लेकर किसी बड़े फैसले की तरफ बढ़ रही थी. सबसे पहले 26 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल कश्मीर के दौरे पर गए, तभी कश्मीर को लैकर बड़े फैसले के संकेत मिले. 27 जुलाई को अतिरिक्त 100 कंपनियां भेजने का एलान हुआ. सरकार ने अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी और सैलानियों को घाटी छोड़ने की हिदायत दी. 4 अगस्त को सूबे में काफी हलचल देखी गई और ये भी खबर आई कि मोदी सरकार कश्मीर को लेकर कैबिनेट बैठक करने वाली है. 4 और 5 अगस्त की रात जम्मू-कश्मीर में काफी हलचल रही.महबूबा मुफ्ती और उमर अबदुल्ला जैसे नेता नजरबंद कर दिए गए, इंटरनेट सेवा ठप कर दी. घाटी के साथ-साथ जम्मू में भी धारा 144 लगा दी गई. 5 अगस्त यानी सोमवार को सुबह 9.30 बजे कैबिनेट की भी बैठक हुई तो भी किसी को कोई खबर नहीं थी कि फैसला क्या होने वाला है. कैबिनेट की बैठक से पहले पीएम आवास पर काफी हलचल रही. कानून मंत्री और गृह मंत्री सुबह 8.30 बजे ही पहुंच चुके थे. एनएसए अजित डोभाल और गृह सचिव राजीव गावा भी पीएम आवास पर थे. आखिरकार कैबिनेट की बैठक शुरू हुई. लेकिन किसी को कोई भनक नहीं थी कि फैसला क्या होने वाला है

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