कश्मीर में बदले हालात, हो सकता है कुछ बड़ा, समझिये क्या है 35A

कश्मीर में आज कुछ बड़ा होने वाला है। पहले सेना की अतिरिक्त तैनाती फिर अमरनाथ की यात्रा को रोकने के बाद रात से सुबह तक जम्मू कश्मीर में बहुत कुछ बदल गया। सबसे पहले इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी। कई शिक्षण संस्थान को बंदकिया गया । इसके बाद कश्मीर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं रद्द कर दी गयी। साथ ही धरा 144 भी लागु की गयी है। वादी-ए-कश्मीर की सड़कों, गलियों, दुकानों, बाजारों, मकानों और घरों में बेचैनी का आलम है. तरह-तरह की अफवाहें जगंल में आग की तरह फैल रही हैं और इस माहौल का फायदा उठाने में अलगाववादी और आतंकी भी लगे हुए हैं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि सूबे से अनुच्छेद 35ए का खात्मा कर दिया जाएगा. दूसरा कयास ये भी लगाया जा रहा है कि राज्य को तीन हिस्सों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में बांटा जा सकता है और तीन नए केंद्र शासित राज्य का गठन हो सकता है.इन सबसे ऐसा माना जा रहा है की कश्मीर के बारे में आज कुछ बड़ा फैसला लिया जाने वाला है। इसी कढ़ी में आज सुबह कैबिनेट की मीटिंग भी है। देखना होगा इसमें क्या फैसला लिया जाता है।

अब सवाल है कि अनुच्छेद 35ए क्या है और इसके हटाए जाने से क्या कुछ बदल जाएगा?

14 मई 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के आदेश के साथ भारत के संविधान में अनुछेद 35ए जोड़ा गया. दिलचस्प बात ये है कि संविधान में जो 448 अनुछेद हैं, 35ए उसमें शामिल नहीं है. अनुछेद 370 (1) (d)के अंतर्गत राष्ट्रपति के आदेश से अनुछेद 35ए लाया गया. धारा 370 राष्ट्रपति को संविधान में जम्मू-कश्मीर के स्टेस सब्जेक्ट्स में फायदे के लिए ‘अपवाद और संशोधन’ का अधिकार देता है. खयाल रहे कि अनुछेद 35ए पर राष्ट्रपति का आदेश आने से पहले जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा में इस मुद्दे पर पांच महीने तक खूब बहस हुई.

35 ए के तहत:-

 हर वो शख्स सूबे का स्थायी नागरिक होगा जो 14 मई 1954 से पहले स्टेट सब्जेक्ट है या 10 साल से सूबे में रह रहा हो और कानूनी तरीके से अचल संपत्ति खरीदी हो.
– जो स्थायी नागरिक नहीं है, उन्हें कश्मीर में स्थायी तौर पर रहने, अचल संपत्ति खरीदने, सरकारी नौकरी पाने इत्यादि का अधिकार नहीं है.
– दूसरे सूबे के अस्थाई नागरिकों को स्कॉलरशिप भी नहीं मिल सकती.
– यह आर्टिकल जम्मू-कश्मीर राज्य को अधिकार देता है कि कोई महिला अगर किसी दूसरे स्टेट के स्थायी नागरिक से शादी करती हैं तो उसकी कश्मीरी नागरिकता छीन ली जाए. हालांकि, साल 2002 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के एक आदेश के मुताबिक शादी करने वाली महिला की नागरिकता खत्म नहीं की जाएगी, लेकिन उनके होने वाले बच्चों को यह अधिकार नहीं मिलेगा.

35ए के हटने से क्या बदल जाएगा?

 देश के किसी हिस्से का नागरिक वहां जमीन खरीद सकता है यानि वहां बस सकता है.
– देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर का स्थाई नागरिक बन सकता है.
– स्थाई नागरिक बनने का मतलब हुआ कि वो निवेश कर सकेगा, कारोबार कर सकेगा.
– जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी पा सकता है.
– दूसरे राज्य के पुरुष से शादी करने महिला का पर्सनल लॉ के तहत अचल संपत्ति में हक मिलना शुरू हो जाएगा.

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