JABALPUR : मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में खास भूमिका निभा रहे है बाल भवन के हुनरबाज़, पढ़िए खास बातचीत

लोकसभा चुनाव में महज़ चंद दिन शेष है। शत प्रतिशत मतदान के लिए निर्वाचन आयोग निरंतर प्रयास कर रहा है। इस खास पहल में जिला निर्वाचन के पार्टनर के रूप में कार्य कर रहा है संभागीय बाल भवन। जहाँ के होनहार विद्यार्थी अपनी अनेक विधाओं द्वारा आम जनता को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे है। ऐसे में orsunao.com ने बाल भवन के टैलेंटेड छात्रों और उनके गुरु से खास बातचीत की।

सबसे पहले अपने घर को जागरूक करना ज़रूरी

मतदान जागरूकता कार्यक्रम में स्वीप के साथ लगातार जुड़े बाल भवन के बच्चो में से एक है पलक गुप्ता, जिसे आप सभी मत्तो बाई के नाम से जानते होंगे। लोगो को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पलक मत्तो बाई नाम का किरदार निभाती है। पलक का कहना है कि जब शुरुवात में मुझे ये किरदार करने को कहा गया तो थोड़ा अजीब लगा पर जब इसका उद्देश्य समझ आया तो अच्छा लगने लगा। गुरुजनो ने समझया कि मत्तो बाई अपने बुंदेलखंडी अंदाज़ में मतदान करने का सन्देश तो देगी ही साथ ही लोगो का मनोरंजन भी करेगी। ऐसे में ये किरादर करना बेहद अच्छा अनुभव रहा। लोगो की सराहना से मनोबल और बड़ा है। सीईओ श्रीमती रजनी सिंह और कलेक्टर श्रीमती छवि भरद्वाज ने लगातार हमारे काम को सराहा है। कला के माध्यम से सन्देश देना आसान होता है क्योकि लोग उसे सुनते है। पलक ने अंत में आम जनो से अपील करते हुए कहा की हम बच्चो को अपने घर पर पहल करने होगी। सबसे पहले अपने घर को जागरूक करना है ऐसे ही देश जागरूक होगा। देश के विकास के लिए मतदान अवश्य करे।

मतदान पर ही निर्भर है प्रगति

बूथ तलक तुम जाना, मतदान करके आना….. ये बेहतरीन गीत जो लगातार शहरवासियों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस गीत को लिखने और गाने वाली उन्नति तिवारी ने हमारे साथ खास बातचीत की। उन्नति ने बताया कि मैं लिखती ही हूँ ऐसे में अपनी इसी कला को चुनाव के साथ जुड़ने का अच्छा मौका था ये। जब हमारे गुरुओ ने कहा कि मतदान के लिए गीत बनाओ तो शुरू किया पर जब ये बना और लोगो के सामने सुनाया तो उन्हें बेहद पसंद आया। मेरी कला से लोग जागरूक हो रहे है इससे अच्छा मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकता। लोगो से बस यही कहना चाहती हूँ कि 100% मतदान करे, देश कि प्रगति में अपना सहयोग दे और ये मतदान द्वारा ही संभव है।

आर्डर पर नहीं इमोशंस द्वारा किया जा रहा है काम

इस खास अवसर पर बाल भवन के संचालक गिरीश बिल्लोरे ने बताया कि इस बार लोगो को जागरूक करने का ये खास कार्य आर्डर द्वारा नहीं बल्कि इमोशंस के द्वारा किया जा रहा है। तभी इसमें कभी गीत, कभी नृत्य,नाटक, पेंटिंग आदि विधाओं द्वारा लोगो को प्रेरित किया जा रहा है। गुरु होने के नाते जब मेरे शिष्यों कि तारीफ होती है तो अनोखी ख़ुशी का अनुभव होता है। वो पल भावुकता से भरा होता है।

इस का श्रेय शिप्रा जी और रेणु जी को जाता है। वो बैकबोन की तरह काम करती है। बाल भवन की खास बात ये है की ये फॉर्मेट वर्क से हटकर कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चो को क्रिएटिविटी से जोड़ना है ताकि उनके जीवन को सही राह दिखाई जा सके।

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