JABALPUR : रादुविवि के दीक्षांत समारोह में 59 विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक, 123 को मिली शोध उपाधि

दीक्षांत समारोह के पदक विजेताओं और उपाधि प्राप्तकर्ताओं का मैं अभिनंदन करते हुए कहना चाहती हूं कि आप दीक्षांत को शिक्षांत नहीं समझें। वस्तुतः यह ग्रहण की गई षिक्षा का लोकजीवन में अमल करने का आरंभ है। आपके अंदर जो ज्ञानार्जन की अभिलाषा है उसे सदैव जीवन्त बनाए रखें और सफलता के पथ पर आगे बढ़ते जाएं। आज रानी दुर्गावती विवि में आयोजित 31वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपरोक्त उद्गार महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने व्यक्त किए। राज्यपाल ने बाल विवाह, कुपोषण, दहेज जैसे सामाजिक कुरीतियों के प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जरूरत है कि इसे दूर करने में आप आगे आएं तभी आपकी शिक्षा सार्थक होगी और उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है कि आप वृक्ष लगाएं और जलसंवर्धन के लिए संकल्प लें जिससे आने वाली पीढ़ी लाभान्वित हो सके।  स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र ने विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास एवं विकास की जानकारी देते हुए विवि के विजन एवं मिशन को सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने का विवरण प्रस्तुत किया।

मंत्रोपचार के साथ हुआ आरंभ 

दीक्षांत समारोह का आरंभ भारतीय परम्परा के अनुसार 11 पंडितों के मंत्रोपचार के साथ हुआ। कुलपति कक्ष से दीक्षांत शोभायात्रा महामहिम राज्यपाल एवं कुलधिपति, श्रीमती आनंदीबेन पटेल, माननीय कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र, कुलसचिव प्रो. कमलेश मिश्रा व सभी कार्यपरिषद सदस्यों की मौजूदगी में आरंभ हुई। शोभायात्रा के आगे दो चोबदार एवं 11 बटुकों ने मंत्रोच्चार का पाठ किया। 

123 उपाधिधारकों को उपाधियों का वितरण-

दीक्षांत समारोह में डी. लिट की 1, कलांसकाय की 24, विज्ञान की 07, जीव विज्ञान की 14, विधि संकाय की 08, वाणिज्य संकाय की 14, शिक्षा संकाय की 17, प्रबंधन की 03 एवं गणितीय विज्ञान संकाय की 05 पीएच.डी उपाधियों का वितरण महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा प्रदान किया गया।

59 विद्यार्थियों को स्वर्णपदक-

रादुविवि के 31वें दीक्षांत समारोह में महामहिम द्वारा 59 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। इसमें छात्रा पूजा ज्योतिषि को सर्वाधिक 10 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन में प्रो. सी.एस.एस. ठाकुर, प्रो. पी.के. सिंघल, प्रो. एस.एन. बागची, प्रो. अंजना शर्मा, प्रो. कमलनयन शुक्ला, प्रो. वाय.के. बंसल, प्रो. रामशंकर, प्रो. जे.एम. केलर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राकेश बाजपेयी, वित्त नियंत्रक सुरेश कतिया, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. विवेक मिश्रा, प्रो. सुभाष शर्मा, प्रो. एस.एन. मिश्रा, प्रो. दिव्या बागची, प्रो. दिव्या चंसौरिया, डाॅ. राजेश्वरी राणा, डाॅ. ए.के. गिल, डाॅ. दीपेश मिश्रा, मेघराज निनामा, डाॅ0 आर.के. गुप्ता, डाॅ. जया सिंह, डाॅ. रजनी शर्मा, इंजीनियर विनोद जारोलिया, एम.एल. द्विवेदी, डाॅ. हरेकृष्ण पाण्डेय, राजमणि नासेरी सहित वि.वि. के सभी प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, अतिथि विद्वानों एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा।

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