जानिए स्तन कैंसर एवं उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी

लेखक –आयुषी गोस्वामी

स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) महिलाओं में होने वाले कैंसर में सबसे अव्वल नंबर पर आता है। आज स्तन कैंसर औरतों की हो रही मृत्यु का एक बड़ा कारण बन चुका है और इन आंकड़ों में हर वर्ष वृद्धि हो रही है। अमेरिका में हर 8 में से 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होती है और भारत में 100,000 में से 25.8 % महिलाएं इस से पीड़ित हैं। भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर होने की औसतन उम्र 47 वर्ष होती है।

कैसे करें स्तन कैंसर का आत्म परीक्षण?

30 वर्ष से कम आयु वाली महिलाएं हर महीने मासिक धर्म समाप्त होने के बाद ध्यान दें कि कहीं स्तनों में कोई असमानता तो नहीं है? कोई भी छोटी गांठ, सूजन, लालिमा, घाव या मोटाई जैसी असमानता नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिन महिलाओं की उम्र 30 वर्ष से अधिक है उन्हें मासिक परीक्षण के साथ-साथ हर साल ब्रेस्ट स्पेशलिस्ट के पास जाकर मैमोग्राम (एक्स रे) अवश्य ही करवाना चाहिए।

स्तन कैंसर के लक्षण-

1. स्तन पर गांठ पड़ना
2. स्तन पर या फिर बाहों के नीचे उभार आना
3. निप्पल से पानी और खून निकलना अथवा उनका अंदर धंस जाना
4. स्तन पर लालिमा व सूजन आना 
5. स्तन की गोलाई में असामान्य बदलाव होना 
6. स्तन की त्वचा पर ऐसा घाव जो ठीक ना होता हो

स्तन कैंसर होने के कारण-

1. आनुवंशिकी (जेनेटिक्स)- यदि परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार को स्तन कैंसर हो चुका हो तो आपको स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर वंशागत ही हुआ है। याद रखें कि यह कैंसर औरतों में काफी सामान्य है। 
2. बढ़ती उम्र- स्तन कैंसर वृद्ध महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाता है। औसतन 50 वर्ष से अधिक उम्र वाली स्त्रियां इस बीमारी का शिकार होती है।
3. यदि किसी लड़की को 12 वर्ष की आयु से पहले मासिक धर्म आने लगा हो अथवा किसी महिला को देर से मेनोपॉज हुआ हो (55 की उम्र के बाद के बाद), तो उसमें स्तन कैंसर की संभावना की संभावना बढ़ जाती है। 
4. महिलाओं के स्तनों में कैंसरहित गाँठें पड़ चुकी हों अथवा उनमें स्तन ऊतक ज्यादा सघन हों, ऐसे में कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
5. यदि कोई महिला देर से गर्भवती हुई है या जिसने कभी गर्भधारण नहीं किया हो नहीं किया हो, उनमें भी स्तन कैंसर का जोखिम ज्यादा होता होता ज्यादा होता होता है।
6. जो महिलाएं शारीरिक रूप से से सक्रिय ना हो अथवा मोटापे का शिकार हों, उन्हें स्तन कैंसर जैसी घातक बीमारी जल्द घेर सकती है।
7. गर्भनिरोधक दवाइयाँ और कंबीनेशन हार्मोन थेरेपी स्तन कैंसर को बढ़ावा देती है।
8. मदिरा अथवा धूम्रपान ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है।

स्तन कैंसर से बचने के उपाय-

1. मदिरा एवं धूम्रपान का सेवन ना करने से करने से ना करने से करने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
2. उचित शारीरिक व्यायाम एवं सक्रियता अधिक लाभदायक होती है।
3. सही एवं स्वस्थ आहार आपको हर बीमारी से दूर रखता है। जंक फूड ना खाने में ही भलाई है।
4. जो महिलाएं स्तनपान करवाती हैं, वे स्तन कैंसर के जोखिम से बच से बच जोखिम से बच से बच सकती है।
5. चिंता और नकारात्मकता मन व शरीर दोनों को ठेस पहुंचाता है।

इनकी तरह आप भी अपनी रचना हमे भेज सकते है। हम उन्हें प्रकाशित करेंगे आपके नाम और तस्वीर के साथ। अपनी रचना orsunaonewsportal@gmail.com पर भेज सकते है। 

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