Jabalpur Update : इल्हाम आर्टिस्टिक असोसिएशन द्वारा किया “मैं एमिली” नाटक का मंचन

इल्हाम आर्टिस्टिक असोसिअशन द्वारा कलावीथिका में नाटक का मंचन किया गया। नाटक का नाम मैं एमिली था। यह नाटक उन्नीसवीं सदी की युरोपियन लेखिका एमिली ब्रोंटे के जीवन और उनके लिखे एकमात्र उपन्यास वुथरिंग हाइट्स से प्रेरित था। यह नाटक एमिली जैसी शख्सियत को एक बार फिर इस दुनिया के सामने लाने और उनके साहित्य में योगदान को पहचान दिलाता है। इसका जीवन हमे ये बताता है की ज़िन्दगी की अहमियत उम्र से नहीं बल्कि इंसान के द्वारा किये गए कामो से होती है।

इस तरह है कहानी

नाटक ,मैं एमिली में एमिली का किरदार एक रूह की तरह दूसरी दुनिया से लोगो के सामने आता है। जो अपने इतिहास से रूबरू करने के लिए सबसे सामने आती है। एमिली लोगो से अपनी ज़िन्दगी के बारे में बताती है की किस तरह तीन साल की उम्र में उसने माँ को खोया। फिर अपनी दो बहनो को भी दुनिया से जाते देखा। इस घटनाओ के बीच भी वो इस दुनिया में कुछ कर करने की कोशिश में लग जाती है। जिससे दुनिया उन्हें उनकी मौत के बाद भी याद रखे ।

मंच पर

नाटक लेखन एवं निर्देशन – आयुष राय
एमिली – शालिनी अहिरवार
मंच संचालन – पंकज स्वामी
संगीत संचालन – आयुष राय
प्रकाश संचालन – अक्षय टेमले
रूप सज्जा – आयुष राठौर
वेशभूषा – शालिनी अहिरवार

149 total views, 3 views today

You May Also Like