10 आसान बिंदुओं से समझें Budget 2019

मोदी सरकार की कार्यकाल का ये आखिरी बजट है इस बजट के जरिए समाज के सभी तबकों को कुछ न कुछ देने की कोशिश की गई है।  आप सबके मन में ये जानने की इच्छा होगी कि सरकार के पिटारे से क्या कुछ निकला। हम यहां पर 10 बिंदुओं के जरिए बजट 2019 को समझने और समझाने की कोशिश करेंगे।

टैक्स फ्रंट पर बड़ी राहत

टैक्स के मुद्दे पर सरकार ने नौकरीपेशा वालों को बड़ी राहत दी है। पहले टैक्स की छूट ढ़ाई लाख रुपये की आय पर थी। लेकिन अब इसकी सीमा पांच लाख रुपये करने का ऐलान किया गया है।

कृषि
छोटे और सीमांत किसानों को 6000 रुपये वार्षिक आय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सरकार ने इसके लिए 75 हजार करोड़ रुपये का व्यवस्था की है। प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को ब्याज में 2 फीसद की छूट देने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही समय पर कर्ज चुकता करने वालों किसानों को ब्याज में तीन फीसद छूट का ऐलान किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्र
2019-20 में ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के लिए 19 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मनरेगा योजना के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है।
रोजगार
असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को नई सामाजिक सुरक्षा योजना का ऐलान। असगंठित क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे लोग जिनकी उम्र 60 साल के पार हो चुकी है उन्हें 3000 रुपये की सुनिश्चित आमदनी हालांकि उन लोगों को 100 रुपये का सहयोग करना होगा। असंगठित क्षेत्र के करीब 10 करोड़ लोगों का इसका फायदा होगा ये दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजना होगी।
जीएसटी
घर खरीदने वालों को जीएसटी की दर में कमी करने का सुझाव ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने दिया है।
छोटे और मझोले श्रेणी के व्यापारी जो जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत हैं उन्हें एक करोड़ के लोन पर 2 फीसद की छूट का ऐलान
अर्थव्यवस्था
इस वर्ष औसत आयकर संग्रहण करीब 97,100 करोड़ रुपये का रहा है। 2019-20 में सरकार की देनदारी 7.04 लाख करोड़ रुपये की है। पीयूष गोयल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में खामियों को दूर करने के लिए सुधार के उपाय किए गए हैं और उम्मीद है कि उसके बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। सरकार की वित्तीय सेहत
2018-19 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.4 फीसद
2019-20 के लिये राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.4 फीसद
2020-21 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 2 फीसद
सरकार का कहना है कि 2020 तक राजकोषीय घाटे को 3.1 फीसद के स्तर पर लाया जाएगा और मार्च 2021 तक इसे 3 फीसद पर लाया जाएगा।
रेलवे
वित्तीय वर्ष 2019-20 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेटियो 96.2 फीसद पर था जबकि 208-19 में ये 95 फीसद था।
ब्राड गेज लाइन में एक भी मानवरहित क्रॉसिंग नहीं है।
रक्षा क्षेत्र
सरकार ने रक्षा बजट को तीन लाख करोड़ कर दिया है।

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