Jabalpur Icon: 9000 से ज्यादा लोगो की स्माइल की वजह है रॉबिनहुड आर्मी जबलपुर,जानिए उनका सफर

कभी सोचा है एक तरफ तो हमे खाने की कदर नहीं है वही दूसरी तरफ समाज का एक ऐसा तबका भी है जो खाने के दाने को भी मोहताज है। ऐसी सोच बहुत कम ही लोगो की होती है ऐसे में कुछ लोग है जो निस्वार्थ भाव से समाज के एक तबके से खाना लेकर उन्हें ज़रूरतमंदो तक पहुचनाते है। जी हाँ हम बात कर रहे है रॉबिनहुड आर्मी की। जो पिछले कुछ समय से इस काम में एक्टिव है और जिसका नाम अपने भी ज़रूर सुना होगा, हमारे शहर जबलपुर के लिए ये गर्व की बात है की यहाँ भी रॉबिनहुड आर्मी एक्टिव है। ये कैसे शहर में आयी और कैसे निरंतर काम कर रही है इसकी जानकारी हमे जबलपुर रॉबिनहुड आर्मी की प्रदीप्ति शिंदे ने दी। आप भी पढ़िए orsunao.com की उनसे खास बातचीत ।

Q-कैसी हुई रॉबिनहुड आर्मी के जबलपुर चैप्टर की शुरुवात

A-रॉबिनहुड आर्मी का सफर 2014 में सबसे पहले दिल्ली में चालू हुआ था. हमलोग उसको काफी दिन से सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे थे , तो हम इसे हमारे शहर जबलपुर में भी लाना चाह रहे थे. इसके एम ने हमे प्रेरित किया. इसका मकसद है ज़रूरतमंद को खिलाना लेकिन हम सबसे ज्यादा ध्यान फ़ूड वेस्टेज पर देते है ,क्योकि हमारे देश में जितना खाना बनता है उसका 40% वेस्ट हो जाता है तो जो शादी पार्टीज या होटल्स में खाने लायक फ़ूड होता है जो बच जाता है वो हम ज़रूरतमंदो में बाटते है ..तो यह एम robinhood army का देख कर हमने सोचा की जबलपुर में भी इसकी जरुरत है हमने जब robinhood army से कांटेक्ट किया जबलपुर चैप्टर शुरू करने के लिए तो पॉजिटिव रिस्पांस आया तो फिर 24 june 2018 को हमने अपनी पहली ड्राइव कंडक्ट की ड्राइव मतलब जब हम खाना बाटने निकलते है गरीबो को भूखो को तो हम उसको ड्राइव कहते है

Q-रॉबिनहुड आर्मी के बारे में थोड़ा बताइये न ?

A- यह एक वालंटियर बेस्ड आर्गेनाईजेशन है और नो फण्ड आर्गेनाईजेशन भी है हम खाने का कपड़ो का या किसी भी काम की चीज़ का डोनेशन लेते है …मॉनेटरी डोनेशन कभी नहीं लेते …

Q-जबलपुर में अब तक रॉबिनहुड आर्मी का सफर कैसा रहा ?

A-जबलपुर चैप्टर को 24 december 2018 को 6 महीने हो गए है अभी तक हमने 9240 लोगो को सर्व किया है ….. हमने पहली ड्राइव 6 लोगो के साथ स्टार्ट की थी अब हमारे पास 150+ robins होगये है …

Q-अच्छा तो रॉबिनहुड आर्मी जबलपुर की नीव डालने वाले 6 लोग कौन थे?

A-शांतम झा,आदित्य सैनी,अमन के शर्मा,नम्रता तिवारी, राहुल मिश्रा और मैंने रॉबिनहुड आर्मी जबलपुर की शुरुवात की।

Q-आपकी अचीवमेंट्स क्या है ?

A-अचीवमेंट तो सबसे बड़ी उन 9240 पीपल की स्माइल है बस उनकी स्माइल के लिए हम ये वर्क करते है …

Q-आपके आगे के प्लान क्या है?

A- अभी हमारे पास 7 से 8 फ़ूड पार्टनर्स है हम चाहते है की अगले साल तक वो 30 से 40 होजाये और हमलोग 800 approx लोगो को वीकली सर्व करते है वो भी डबल हो जाए और हमने अभी robinhoodarmy academy भी खोलने का इनिशिएट लिए है और 2020 तक हम जबलपुर में 3 से 4 ऐसे अकादमी खोलना चाहते है।

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