जबलपुर : आकर्षक नृत्यों और भावपूर्ण नाटक के नाम रहा युवा उत्सव

एक तरफ तो एक तरफ अभिनय मे विभिन्न जिलो के प्रतिभगियो ने अपना हुनर दिखाया। ये नजारा था रादुविवि मे चल रहे यु्वा उत्सव के दुसरे दिन का।आज युवा उत्सव मे एकल एवं समूह नृत्य और नाटक की प्रतिस्पर्धा आयोजित की गयी। एकल शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम में जबलपुर एवं छिंदवाड़ा जिले की प्रतिभागी छात्राओं ने भरत नाट्यम की भाव-भंगिमा प्रस्तुति देकर लोगों का मन मुग्ध कर लिया। इसमें जबलपुर की छात्रा ने गुरूवंदना तो छिंदवाड़ा की छात्रा ने शिव-स्तुति से अपनी प्रस्तुति की शुरूआत की। वही समूह नृत्य में आठों जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता दी। जबलपुर जिले ने राउत नाचा की रंगारंग प्रस्तुति दी, वहीं नरसिंहपुर ने छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, कटनी ने राजस्थानी चैरी-नृत्यकला का प्रदर्शन किया। बालाघाट ने होली नृत्य, सिवनी जिले ने लोक नृत्य कर्मा की प्रस्तुति दी। मंडला ने आदिवासी लोकनृत्य, छिंदवाड़ा जिले ने आदिवासी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। डिण्डोरी जिले के प्रतिभागियों ने गौंड़ी लोक नृत्य शैली कर्मा के रूप में आदिवासी परंपरा से प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। 

नाटक के द्वारा दिखाया कैसे हो्ता है का ब्रेन वाश

युवा उत्सव में आज नाटक का भी मन्चन हुआ,जिसमें सात प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रथम प्रस्तुति 1947 का विभाजन और दूसरा नाटक ब्रेन वाश था। तीसरी ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह’, चौथी  ‘प्राण जाए पर पेड़ न जाए’, पांचवी ‘दोहरी जिंदगी’, छठवीं ‘महात्मा गांधी का संघर्ष’ एवं सातवीं ‘सत्यमेव जयते’ नाटक से संबंधित था। युवा उत्सव में विशेष प्रस्तुति के रूप में वीरांगना रानी दुर्गावती की गाथा पर आधारित विश्वविद्यालय के छात्रों के द्वारा तैयार नाटक का प्रदर्शन किया गया। युवा उत्सव के दूसरे दिन सभी प्रतियोगिताएं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. विवेक मिश्रा, समन्वयक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ डाॅ. आर.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजन सम्पन्न कराने में सहसंयोजक डाॅ. पुष्पराज चौधरी, डाॅ. धीरेन्द्र पाठक, डाॅ. शशि तिवारी, डाॅ. अर्चना सिंघल, डाॅ. शिखा बंसल आदि का सहयोग रहा।

 

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