जबलपुर: रादुविवि में अंतर जिला युवा उत्सव का रंगारंग शुभारंभ

एक तरफ गुब्बारों के साथ स्वच्छ भारत , स्वस्थ भारत का सन्देश दिया गया वही दूसरी तरफ आठों जिलों के प्रतिभागीयो ने उत्साह के साथ सांस्कृतिक रैली में हिस्सा लिया ये नज़ारा था अंतर् जिला युवा उत्सव का जिसका शुभारंभ आज रादुविवि में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र ने की । सारस्वत अतिथि  डाॅ. आनंद,विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डाॅ. के.एल. जैन  एवं कुलसचिव प्रो. राकेश बाजपेयी मौजूद रहे । कुलपति प्रो. मिश्र ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा महोत्सव प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सबसे सशक्त मंच प्रदान करता है। यह एक विराट सांस्कृतिक समारोह है।प्रो. के.एल. जैन ने कहा युवा महोत्सव आपको अपने व्यक्तित्व को निखारने का एक मंच है।  डाॅ. आनंद ने कहा कि युवा उत्सव एक औपचारिकता है, आप पूरे उल्लास और आनंद के साथ आगे बढ़ें। इस प्रतियोगिता में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से एक अलग छाप छोड़कर जायें। कुलसचिव प्रो. राकेश बाजपेयी ने कहा कि युवा उत्सव एक उल्लास का क्षण होता है।

 

लोक संस्कृति की दिखी झलक

युवा उत्सव के आरंभ में विश्वविद्यालय से संबंधित आठों जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर , सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिण्डोरी एवं मण्डला के युवा प्रतिभागियों की सांस्कृतिक रैली  सुबह 9.30 बजे अतिथि गृह से आरंभ हुई। सांस्कृतिक रैली में प्रतिभागी विभिन्न रंगों के परिधानों में थे। लोक संस्कृति की झलक सांस्कृतिक रैली में देखी गई। ढोल नगाड़ों एवं मजीरों की धुन पर थिरकते हुए प्रतिभागी मुख्य प्रशासनिक भवन के समक्ष पहुँचे। सांस्कृतिक रैली में श्रेेष्ठ प्रदर्शन वाले दल को रनिंग शील्ड प्रदान की जायेगी। इस सांस्कृतिक रैली का नेतृत्व एन.एस.एस. के कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. अशोक मराठे, सांस्कृतिक समन्वयक डाॅ. आर.के. गुप्ता, डाॅ. रजनी शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. देवांशु गौतम एवं सभी दलों के प्रभारियों ने किया। सांस्कृतिक रैली की निर्णायक की भूमिका में प्रो. अंजना शर्मा, डाॅ. सुनील पाहवा उपस्थित रहे। 

 

एक तरफ गायन से किया मोहित एक तरफ रंगोली से दिए सन्देश

पं. कुंजीलाल दुबे प्रेक्षागृह में गायन एवं वादन प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसमें सुगम एवं शास्त्रीय एकल गान एवं समूह गायन भारतीय शैली के गायन की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति प्रतिभागियों ने दिया और प्रेक्षागृह करतल ध्वनि से गूंज उठा। एकल गायन एवं समूह गायन पाश्चात्य शैली में भी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रदर्शन किया।वहीं एम.बी.ए. हाल में रूपांकन प्रतियोगितायें, पोस्टर, स्थल चित्रण, क्ले माडलिंग, रंगोली, कोलाज, कार्टूनिंग की प्रतिस्पर्धा आयोजित हुई जिसमें प्रतिभागियों ने पर्यावरण एवं हमारा दायित्व, भारतीय त्योहार, मां एवं बच्चा एवं राजनीति समसामयिक मामले विषयों पर अपने विचारों की रचनात्मक अभिव्यक्ति दी। 

 

अभिनय विधा माईम, स्किट एवं मिमिक्री प्रतियोगिता व रूपाकंन प्रतियोगितायें-

एम.बी.ए. हाॅल में अभिनय विधा के अंतर्गत माईम, स्किट एवं मिमिक्री प्रतियोगिता आयोजित हुई । जिनमे प्रतिभागियों ने शिलान्यास का पत्थर , अंधेर नगरी चौपट राजा, नशामुक्ति जैसे विषयो पर बेहतरीन प्रस्तुति दी । दूसरी तरफ क्या भारत के आर्थिक विकास में डिजटलीकरण आवश्यक है इस विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । साथ ही  वर्तमान संदर्भ- युवा एवं गांधी दर्शन  विषय पर भाषण  एवं वर्तमान परिपे्रक्ष्य में गांधी दर्शन की प्रासंगिकता विषय पर रचनात्मक लेखन द्वारा प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे।

श्री देवी को कितने फिल्म फेयर मिले

 भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त कौन थे ? नरगिस दत्त का असली नाम क्या है ? सशस्त्र सेना झंडा दिवस कब मनाया जाता है ? कुछ ऐसे ही सवाल प्रश्न मंच में प्रतिभागियों से पूछे गए । प्रश्न मंच दो चरणों में आयोजित किया गया ,पहला लिखित दूसरा मौखिक ।इस प्रतियोगिता में 8 जिले के 17  छात्रों ने हिस्सा लिया था ।

 

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