जबलपुर : महाकौशल कॉलेज में 37वीं राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन

शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में दक्ष होना जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों को संकल्प दिलाया कि वे खेल के साथ देश सेवा के लिए भी तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा मैं 12 वर्ष की उम्र से स्वतंत्रता सेनानी बन गया था और देश की आजादी के लिए पूरा योगदान दिया। ये कहना था 92 वर्षीय बुजुर्ग व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अवधेश प्रसाद शुक्ल का। अवसर था महाकौशल कॉलेज के हॉल में 37वीं राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता  के उद्घाटन का।

देश के कई राज्यों से आए खिलाड़ी

महाकौशल कॉलेज में 37वीं राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता के लिए देश के कई राज्यों से खिलाड़ी आए हैं। इन खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम रांझी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में किया गया है। अधिकांश खिलाड़ी स्पर्धा के एक दिन पहले ही पहुंच गए थे।

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