एक दिन दोस्तो के नाम

यूं तो दोस्ती को एक दिन में समेटा नही जा सकता। हर दिन दोस्ती के ही नाम होता हैं लेकिन आज का दिन बहुत खास है। हम अपनी दिल की हर बात जिस दोस्त से शेयर करते हैं आज के दिन उस दोस्त को ये बताने का की उनकी क्या अहमियत हैं। हम अपने दोस्त को कभी ये बताने की ज़रूरत ही नही समझते क्योंकि हमें लगता हैं उन्हें पता ही हैं पर दिल की बात को जुबान पर लाना भी तो ज़रूरी है। आज का दिन इसी के नाम हैं। आज सभी दोस्त एक दूसरे से मिलते हैं उनसे अपनी बात शेयर करके अपनी दोस्ती और मजबूत बनाते हैं। ऐसे में कुछ दोस्तों ने हमसे शेयर किए अपनी दोस्ती के पल।

कॉलेज की यारी सबसे प्यारी

शानिका राजपूत ने अपनी दोस्त काजोल के बारे में कहा कि हम दोनों कॉलेज में मिले थे। तब पता नही था ये मुलाकात एक ऐसी बॉन्डिंग में तब्दील हो जाएगी ,जो कभी नही टूटेगी। कहते है दोस्ती एक तोहफा हैं और मुझे वो काजोल के रूप में मिला है।

दोस्त नही भाई हैं हम

कमल वाधवानी का अपने दोस्त आदित्य के बारे में कहना है कि हम दोस्त नही भाई हैं। कोई भी टाइम हो कोई भी बात वो हमेशा मेरे लिए अवेलेबल हैं। वो परछाई की तरह है। जिस तरह परछाई कभी साथ नही छोड़ती, वो भी हमेशा मेरे साथ रहता हैं।

मुझसे ज्यादा समझती हैं मुझे

आयुषी अरोरा का अपनी दोस्त मनप्रीत के बारे में कहना है कि वो मुझे मुझसे ज्यादा समझती हैं। मैं उससे कुछ छिपा नही पाती। वो मुझे एक झटके में पकड़ लेती है। उसके बिना मेरी लाइफ अधूरी है। 

कभी थे सीनियर जूनियर आज है बेस्ट फ्रेंड

साकेत सिहं ठाकुर अपने दोस्त रघु के बारे में बताते है कि हमने जब कॉलेज स्टार्ट किया तो हम सीनियर और जूनियर थे। हमारी दोस्ती क्रिकेट के मैदान में हुई और आज हम एक दूसरे के बिना कॉलेज भी नही जाते। पढ़ाई से लेकर पार्टी हम सब साथ ही करते हैं।

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